जंतर मंतर आंदोलन पर पैलेट गन के प्रयोग के जिम्मेदार अमित शाह इस्तीफा दें : आल इंडिया पीपल्स फ्रंट ने की मांग 

लखनऊ। ऑल इंडिया पीपल्स फ्रंट ने दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को चलो संसद मार्च के प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की माँग की है।

फ्रंट के यहाँ जारी बयान के अनुसार सीआरपीएफ की जांच रिपोर्ट आने के बाद यह दिन के उजाले की तरह साफ हो गया है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध प्रतिबंधित पैलेट गन का प्रयोग किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार उस दिन आरएएफ द्वारा पैलेट गन के 7 कारतूस दागे गए थे जिनसे अब तक 5 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।

इसलिए आल इंडिया पीपुल्स फ्रन्ट यह मांग करता है कि दिल्ली पुलिस द्वारा 20 जुलाई को जंतर-मंतर आंदोलन पर जो भी बर्बर, अवैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाही की गई है, उसकी पूरी जिम्मेदारी गृहमंत्री अमित शाह की है जिसके लिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।

बयान में कहा गया है कि साथ ही भाजपा को राज धर्म का पालन करते हुए बिहार व पश्चिम बंगाल में जारी छात्रों के बर्बर दमन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगानी चाहिए।  सभी लोग जानते हैं कि जंतर-मंतर आंदोलन में भाजपा की केंद्र सरकार ने यह वादा किया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के सवालों पर हुए आंदोलन में किसी का भी दमन नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके बिहार और बंगाल में दमन जारी है।

बिहार में सैकड़ों लोगों की गिरफ्तारी कर उन्हें जेल भेज दिया गया है, सीवान में गोली लगने से बच्चे घायल है और बंगाल में तो गुंडा एक्ट का भी इस्तेमाल किया गया है, जो लोकतंत्र के लिए अशुभ है। ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने देश की सभी लोकतांत्रिक ताकतों से इस दमन का प्रतिवाद करने की अपील भी की है।

आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने कहा कि सरकारी जांच में पाया गया कि आरएएफ द्वारा आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया गया। भीड़ नियंत्रण के लिए पैलेट गन का प्रयोग प्रतिबंधित है। परंतु इसके बावजूद जंतर मंतर पर इसका प्रयोग किया गया। जंतर मंतर में इससे हिट हुए एक व्यक्ति की आँख चली जाने की आशंका बनी हुई है। यह भी बड़ी हैरानी की बात है कि शुरू में दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के प्रयोग से इनकार किया था जो अब झूठ साबित हो गया है। इसलिए पैलेट गन का इस्तेमाल करने का आदेश देने वाले अधिकारियों की शिनाख्त कर उन्हें भी दंडित करना चाहिए। 

(प्रेस बयान पर आधारित)

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